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Gold -Silver Rates: अभी खरीद ले? सोना 1.43 लाख चांदी 2.90 लाख के पास क्या अभी खरीदना सही है या नहीं

सोना और चांदी की कीमत कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है 1 साल में सोने ने 80% ज्यादा बढ़ोतरी हुई है और चांदी में चांदी की कीमतों में 190% से ज्यादा ऊंचा आई है आईए जानते हैं क्या अभी खरीदना सही होगा या नहीं गोल्ड मार्केट के रणनीति के साथ निवेश करना चाहिए बहुत से होगा शेयर मार्केट से भी निकाल के गोल्ड और सेवा में निवेश करना शुरू कर चुके हैं क्योंकि यह एक अच्छा निवेश विकल्प होता है जो होता है

सोने चांदी के अभी क्या है रेट?

बुधवार को शेयर मार्केट पर भी Gold -Silver Rates सबसे अधिक उच्च स्तर 1.43.590 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई जबकि चांदी की कीमत बढ़ाकर रिकॉर्ड अपना रिकॉर्ड बनती हुई 2091409 प्रति ग्राम हो गई घरेलू बाजार में सोने की कीमत 0.67 प्रतिशत बढ़कर 1.432010% 10 ग्राम पर बंद हुई जबकि चांदी की में लगभग 5% बढ़कर 2.89.000 प्रति किलो हो गई है अब सवाल यह है कि क्या स्तर पर सोना और चांदी में खरीदारी की जा सकती है,यह समझते हैं

शेयर बाजार और गोल्ड मार्केट के एक्सपर्ट्स को का कहना ?

मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि मौजूदा समय में सोना और चांदी दोनों ही मजबूत लेकिन संवेदनशील स्तरों पर ट्रेड कर रहे हैं। सोने की कीमतों को लगातार सपोर्ट मिल रहा है, जिसका मुख्य कारण वैश्विक जियो-पॉलिटिकल तनाव, महंगाई का दबाव, कमजोर डॉलर और दुनिया के बड़े केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की भारी खरीदारी है। एक्सपर्ट्स के अनुसार सोना अभी भी एक Safe Haven Investment बना हुआ है, इसलिए जब भी शेयर बाजार में अनिश्चितता बढ़ती है, निवेशक सोने की ओर रुख करते हैं। हालांकि, यह भी माना जा रहा है कि इतने ऊँचे स्तरों पर पहुंचने के बाद शॉर्ट टर्म में हल्की करेक्शन या मुनाफावसूली देखने को मिल सकती है, लेकिन लॉन्ग टर्म आउटलुक अब भी पॉजिटिव है। वहीं चांदी की बात करें तो इसमें तेजी सिर्फ निवेश के कारण नहीं बल्कि इंडस्ट्रियल डिमांड—जैसे सोलर एनर्जी, इलेक्ट्रिक व्हीकल और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर—की वजह से भी है, लेकिन चांदी की कीमतें सोने की तुलना में कहीं ज्यादा उतार-चढ़ाव वाली होती हैं। इसी कारण मार्केट एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि निवेशक जल्दबाजी न करें, एकमुश्त बड़ी रकम लगाने से बचें और चरणबद्ध तरीके से निवेश करें, ताकि जोखिम को संतुलित किया जा सके। कुल मिलाकर, एक्सपर्ट्स की राय यही है कि सोना स्थिर और सुरक्षित विकल्प है, जबकि चांदी में अवसर ज्यादा हैं लेकिन जोखिम भी उतना ही ऊँचा है।WhatsApp Image 2026 01 16 at 10.53.25सोना और चांदी इतना क्यों बढ़ रहे हैं?

सोना और चांदी की कीमतों में लगातार तेज बढ़त के पीछे एक नहीं बल्कि कई बड़े कारण हैं। मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह तेजी अस्थायी नहीं बल्कि वैश्विक आर्थिक हालात से जुड़ी हुई है।सबसे बड़ा कारण है जियो-पॉलिटिकल तनाव। जब दुनिया के बड़े देशों के बीच युद्ध, तनाव या राजनीतिक अनिश्चितता बढ़ती है, तो निवेशक शेयर बाजार जैसे जोखिम भरे निवेश से निकलकर Safe Haven यानी सोना और चांदी में पैसा लगाते हैं। इससे मांग बढ़ती है और कीमतें ऊपर जाती हैं। दूसरा अहम कारण है महंगाई (Inflation)। जब महंगाई बढ़ती है, तो कागजी मुद्रा की वैल्यू घटती है, ऐसे में लोग अपनी पूंजी को सुरक्षित रखने के लिए सोना-चांदी खरीदते हैं। यही वजह है कि गोल्ड को महंगाई से बचाव का सबसे मजबूत जरिया माना जाता है। तीसरा कारण है डॉलर में कमजोरी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना डॉलर में ट्रेड होता है। जब डॉलर कमजोर होता है, तो सोना सस्ता लगता है और उसकी ग्लोबल डिमांड बढ़ जाती है, जिसका असर सीधे भारत में गोल्ड और सिल्वर के दामों पर पड़ता है। चौथा बड़ा कारण है सेंट्रल बैंकों की भारी खरीदारी। भारत, चीन और कई अन्य देशों के केंद्रीय बैंक लगातार सोना जमा कर रहे हैं ताकि वे डॉलर पर निर्भरता कम कर सकें। इससे सप्लाई पर दबाव बनता है और कीमतें और ऊपर जाती हैं। चांदी की कीमत बढ़ने की एक खास वजह उसकी इंडस्ट्रियल डिमांड है। सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक व्हीकल, इलेक्ट्रॉनिक्स और ग्रीन एनर्जी सेक्टर में चांदी का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है, जिससे इसकी मांग सोने से भी ज्यादा तेज़ी से बढ़ रही है। इसके अलावा शेयर बाजार की अस्थिरता, ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता और निवेशकों की बढ़ती सुरक्षित निवेश की सोच भी सोना-चांदी की कीमतों को नई ऊंचाई पर ले जा रही है।

 

 

 

 

 

By newsbig

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